Nag Panchami Date 15-August-2018 In Hindi

Nag Panchami Date 15-August-2018 In Hindi

Festivle Nag Panchami

Nag Panchami Date 15-August-2018 In Hindi

# Indian Nag Panchami :

Nagpanchmi हिन्दू Calendar के हिसाब से यह त्यौहार (July / August) के Month में आती है। इस दिन चांदी , पत्थर या लकड़ी से बना नागिन देवता या फिर दीवार पर बनी सांपों की Painting को दूध के साथ स्नान किया जाता है। और उसके बाद सम्मानित भी किया जाता है। India में Nagpanchmi हिन्दुओ के लिए एक पवित्र और खास माना जाता है । Nagpanchmi के दिन अनंत, वसुकी, तक्षक , पिंगला और कक्रोतका इन पांच नागो की भारत में पूजा करि जाती है |

# Nag Panchami कि history क्या है :

Hindu पुरातन साहित्य के हिसाब से , Nagmata कूर्द ने एक हजार सापो को जन्म दिया था और उनमे से कुछ नाग ऐसे भी है जो खास शेषनाग, वासुकी, तश्क, कलिया, प्ड, शन्ख, पिंगल और अनंत है। ये सब नाग बहुत खास है । Nagmata ने अपने कुछ नागो को कुछ आदेश दिया लेकिन उन नागो ने Nagmata का आदेश नहीं माना और इसके लिए Nagmata ने उन नागो को श्राप दे दिया था फिर ये नाग इंसानो को परेशान करने लगे और तभी भगवन Brahma ने सापो को नष्ट होने का श्राप दिया था जिससे सापो को नष्ट होने का डर लगा तो उन्होंने Brahma से खुद को सुधरने का वादा करा था और फिर Brahma ने एक यज्ञ करवाई, और उसके बाद सिर्फ पांच अच्छे सांप ही बचे थे – अनंत, वसुकी, तक्षक,पिंगला और कक्रोतका है।

 

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# Nag Panchami क्यों मनाते है :

Nagmata कूर्द ने एक हजार सापो को जन्म दिया था और उनमे से कुछ नाग ऐसे भी है जो खास है शेषनाग , वासुकी, तश्क, कलिया, प्ड, शन्ख , पिंगल और अनंत है। ये सब नाग बहुत खास है और इन सबकी पूजा India में आज भी करि जाती है। Nagmata ने अपने कुछ नागो को कुछ आदेश दिया था लेकिन उन नागो ने Nagmata का आदेश नहीं माना और इसके लिए Nagmata ने उन नागो को श्राप दे दिया था फिर ये नाग इंसानो को परेशान करने लगे थे

और तभी भगवन Brahma ने सापो को नष्ट होने का श्राप दिया था जिससे सापो को नष्ट होने का डर लगा तो उन्होंने Brahma से खुद को सुधरने का वादा करा था और फिर Brahma ने एक यज्ञ करवाई , और उसके बाद सिर्फ पांच अच्छे सांप ही बचे थे – अनंत, वसुकी, तक्षक, पिंगला और कक्रोतका है। India में Nagpanchmi हिन्दुओ के लिए एक पवित्र और खास माना जाता है। Nagpanchmi के दिन इन पांच नागो की भारत में पूजा करि जाती है। इसलिये Nagpanchmi India में मनाई जाती है ।

# 2018-2019 में Nag Panchami कब है :

Nag Panchami पूरे भारत में देखे गए सांपों या साँपों की पारंपरिक पूजा है जहां हिंदू अनुयायियों रहते हैं। यह त्यौहार हिन्दू Calendar के हिसाब से यह त्यौहार (July / August) के Month में आता है और इस बार ये त्यौहार 15-August-2018 को आएगा । India में Nagpanchmi हिन्दुओ के लिए एक पवित्र और खास त्यौहार माना जाता है। पूरे India में सब ये त्यौहार मनाएंगे।

# India में Nag Panchami कैसे मनाते है :

India में Nagpanchmi हिन्दुओ के लिए एक पवित्र और खास त्यौहार माना जाता है। Brahma जी ने एक यज्ञ करवाया था और उसके बाद सिर्फ पांच अच्छे सांप ही बचे थे – अनंत, वसुकी, तक्षक,पिंगला और कक्रोतका है और Nagpanchmi के दिन इन पांच नागो की भारत में पूजा करि जाती है । इस दिन चांदी, पत्थर या लकड़ी से बना नागिन देवता या फिर दीवार पर बनी सांपों की Painting को दूध के साथ स्नान किया जाता हैं और उसके बाद सम्मानित भी किया जाता है। यह त्यौहार हिन्दू Calendar के हिसाब से यह त्यौहार (July / August) के Month में आता है और इस तरह से India में Nag panchami मनाई है।

 

# India कि Nag Panchami :

Nag Panchami पूरे भारत में देखे गए सांपों या साँपों की पारंपरिक पूजा है जहां हिंदू अनुयायियों रहते हैं। यह त्यौहार हिन्दू Calendar के हिसाब से यह त्यौहार (July / August) के Month में आता है। इस दिन चांदी, पत्थर या लकड़ी से बना नागिन देवता या फिर दीवार पर बनी सांपों की Painting को दूध के साथ स्नान किया जाता है।और उसके बाद सम्मानित भी किया जाता है। Nagmata कूर्द ने एक हजार सापो को जन्म दिया था और उनमे से कुछ नाग ऐसे भी है जो खास है शेषनाग, वासुकी, तश्क, कलिया, प्ड, शन्ख , पिंगल और अनंत। Nagpanchmi के दिन इन पांच नागो की भारत में पूजा करि जाती है। इसलिये Nagpanchmi India में मनाई जाती है ।

# India में Nag Panchami सबसे जायदा कहा मनाई जाती है और क्यों :

India में Nagpanchmi हिन्दुओ के लिए एक पवित्र और खास त्यौहार माना जाता है और पूरे India में सब ये त्यौहार मनाते है, लेकिन सबसे जायदा ये त्यौहार वाराणसी काशी में मनाते है और कहा जाता है कि इस जगह पर तक्षक गरूड़ काशी में Sanskrit की शिक्षा लेने आये थे पर गरूड़ जी को यह मालूम चल गया था कि उन्होंने तक्षक पर वार कर दिया है और अपने गुरू के वजह से गरूड़ जी ने तक्षक नाग को अभय का दान कर दिया था। और Nagpanchmi के दिन यहाँ पूजा करने से और नाग कुआँ का दर्शन करने से सारे दोष मिट जाते हैं और यहा वाराणसी काशी के पास बहुत बड़ा मेला भी लगता है। उसी समय से यहाँ Nagpanchmi के दिन से यहाँ नाग पूजा की जाती है।

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